SVG इण्डिया न्यूज रूम
राष्ट्रीय। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में सप्लाई दबाव के चलते देश में एलपीजी आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आम लोगों को खाना बनाने और रोशनी में दिक्कत न हो, इसके लिए केरोसिन (मिट्टी का तेल) की सप्लाई बढ़ाने हेतु पेट्रोलियम नियमों में अस्थायी ढील दी गई है। सरकार ने साफ किया है कि यह फैसला लोगों को तुरंत वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है।
सरकार के अनुसार पेट्रोलियम सुरक्षा और लाइसेंस से जुड़े नियमों को आसान बनाया गया है ताकि केरोसिन की सप्लाई तेज हो सके। यह व्यवस्था 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की गई है और 60 दिनों के लिए प्रभावी रहेगी। खास बात यह है कि अब पेट्रोल पंपों पर भी केरोसिन रखा और बेचा जा सकेगा, जिससे लोगों तक इसकी उपलब्धता तेजी से सुनिश्चित की जा सके।
⛽ पेट्रोल पंपों पर भी केरोसिन बिक्री शुरू
सरकार ने Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों को केरोसिन बेचने की अनुमति दे दी है। हर चयनित पेट्रोल पंप पर अधिकतम 5,000 लीटर तक केरोसिन स्टोर किया जा सकेगा। साथ ही हर जिले में दो पेट्रोल पंपों को इस व्यवस्था के लिए चुना जा सकता है, जिससे सप्लाई तेज और व्यवस्थित तरीके से लोगों तक पहुंचे।
यह फैसला दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात समेत कई राज्यों में लागू किया गया है। खासतौर पर उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है जिन्हें पहले केरोसिन-मुक्त घोषित किया गया था, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए वहां फिर से केरोसिन सप्लाई शुरू की जा रही है।