SVG इण्डिया न्यूज डेस्क
मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कर वसूली की धीमी प्रगति पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने वाणिज्य कर, विद्युत, परिवहन समेत कई विभागों की वसूली लक्ष्य के मुकाबले बेहद कम पाए जाने पर अधिकारियों को फटकार लगाई। बैठक में बताया गया कि वाणिज्य कर की वसूली लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 37 प्रतिशत और विद्युत विभाग की वसूली लगभग 40 प्रतिशत ही हो सकी है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लाइन लॉस रोकने और बकाया वसूली के लिए तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि प्रत्येक तहसील में बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर उनके विरुद्ध सख्त वसूली अभियान चलाया जाए। बकाया जमा न करने वालों की संपत्ति कुर्क कर नीलामी के माध्यम से राजस्व वसूली कराने के आदेश भी दिए गए।
मड़िहान तहसील में पिछले माह बड़े बकायेदारों से वसूली न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। तहसीलदार द्वारा जानकारी दी गई कि कुछ बकायेदारों की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है और 23 दिसंबर को नीलामी की तिथि निर्धारित की गई है। समीक्षा के दौरान सिंचाई और वन विभाग की वसूली लक्ष्य के अनुरूप पाई गई, जबकि मंडी समिति की वसूली लगभग 90 प्रतिशत दर्ज की गई, जिसे शत-प्रतिशत तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि दिसंबर माह के अंत तक प्रत्येक तहसील में अधिकारी, तहसीलदार और उपजिलाधिकारी अपने-अपने विभाग से संबंधित राजस्व वसूली को कम से कम 75 प्रतिशत तक अवश्य पहुंचाएं। ऐसा न होने पर अगली समीक्षा बैठक में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला आबकारी अधिकारी के अनुपस्थित रहने और विभाग की ओर से किसी प्रतिनिधि के न आने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण तलब किया।