शिवेंदु श्रीवास्तव की रिपोर्ट
सोनभद्र। जनपद में शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से डायट परिसर में ‘बाल पुस्तक मेला एवं रीडिंग कैम्पेन’ का भव्य आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी के निर्देशन में बेसिक शिक्षा विभाग व अवादा फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में 1000 मेधावी छात्रों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ सीडीओ एवं विशिष्ट अतिथि मधुलता अवस्थी द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। वहीं विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगाए गए पुस्तक स्टॉलों का अवलोकन कर पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने पर बल दिया गया। मेले में छात्रों को उनके स्तर के अनुसार द्विभाषी पुस्तक सेट वितरित किए गए तथा ‘विकसित भारत 2047’ विषय पर चित्रकला व पुस्तक वाचन प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। लोक नृत्य, लोकगीत और विज्ञान किट के प्रदर्शन ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। सीडीओ ने शिक्षकों से पुस्तकालयों के नियमित उपयोग पर जोर देते हुए ब्लॉक स्तर पर भी ऐसे आयोजनों के निर्देश दिए। कार्यक्रम में जिला स्तरीय अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों, शिक्षकों व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
डायट परिसर में दो दिवसीय सरस मेले का आयोजन: लखपति दीदियों के उत्पाद बने आकर्षण
महिला सशक्तिकरण को गति देने के उद्देश्य से डायट परिसर में दो दिवसीय सरस मेले का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने किया। मेले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की ‘लखपति दीदियों’ द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण करते हुए सीडीओ ने महिलाओं के हुनर और स्थानीय उत्पादों की सराहना की तथा उन्हें बाजार की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया।
उद्यमी महिलाओं को संबोधित करते हुए सीडीओ ने कहा कि आज के दौर में उत्पाद की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और डिजिटल माध्यमों का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने डिजिटल लेनदेन, ऑनलाइन भुगतान और आय-व्यय के सुव्यवस्थित लेखा-जोखा रखने की सलाह दी। इस आयोजन ने न केवल ग्रामीण उत्पादों को मंच प्रदान किया, बल्कि महिलाओं में आत्मनिर्भरता और उद्यमिता को लेकर नया आत्मविश्वास भी पैदा किया।
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