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घोरावल(सोनभद्र)। क्षेत्र के प्रसिद्ध उमा महेश्वर विराजमान शिवद्वार मंदिर प्रांगण में श्री शंकर रामलीला समिति द्वारा इस वर्ष 77वें रामलीला मंचन का शुभारंभ 27 मार्च से रामजन्म की लीला के साथ किया गया। दूसरे दिन ताड़का वध की लीला का जीवंत मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना से हुई, जिसके बाद कलाकारों ने अपने किरदारों को प्रभावशाली ढंग से निभाया। इसमें हार्दिक ने राम, कान्हा ने लक्ष्मण, सुबास गिरी ने मारीच, राजेश्वर राम शुक्ल ने विश्वामित्र, जगदीश मिश्र ने खामश्यामा, नीतीश शुक्ल ने सुबाहु और सूर्यकांत दुबे ने ताड़का की भूमिका निभाई।
• रामलीला के जरिए समाज में शांति और धर्म जागरण का संदेश
रामलीला समिति के अनुसार आगामी दिनों में फुलवारी और धनुष भंग की लीला का मंचन किया जाएगा, जिसके लिए सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है। समिति के अध्यक्ष श्रीकांत दुबे ने बताया कि इस रामलीला की शुरुआत वर्ष 1950 में स्व रामलखन तिवारी द्वारा की गई थी, जिसे 1962 में अक्षयवर वर्मा राम मिश्र के नेतृत्व में विस्तार मिला और लंबे समय तक स्व श्यामधर मिश्र के नेतृत्व में संचालित होती रही। वर्तमान में सच्चितानंद मिश्र इसके संचालन का दायित्व संभाल रहे हैं। कार्यक्रम में ब्रह्मानंद, शरद, सच्चितानंद, रवि, धीरेन्द्र, अमित, नंदकुमार, नंदू, जगदीश सहित मंदिर के प्रधान पुजारी सुबास गिरी और अध्यक्ष रविंद्र कुमार मिश्र समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रीय भक्तगण उपस्थित रहे।